सौभाग्य योजना से 9.17 लाख घरों में पहुँची बिजली

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अक्टूबर तक 35 लाख घरों को बिजली कनेक्शन से जोड़ा जाएगा

मध्यप्रदेश में केन्द्र और राज्य सरकार की पहल पर ऐसे सभी घरों को बिजली कनेक्शन से जोड़ा जा रहा है जो वर्षों से इसके अभाव में रोशनी से वंचित थे। इसके लिये क्रियान्वित की जा रही सहज बिजली हर घर योजना सौभाग्य योजना के बेहतर परिणाम सामने आ रहे है। विभिन्न एजेंसियों के सर्वे और जुटाई गई जानकारी के आधार पर अंधेरे में डूबे घरों को बिजली कनेक्शन की सुविधा देकर रोशन किया जा रहा है। प्रदेश में आगामी अक्टूबर तक विद्युत कनेक्शन से वंचित 35 लाख घरों को बिजली कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। सौभाग्य योजना के क्रियान्वयन से अब तक प्रदेश के 9 लाख 17 हजार 707 घरों को बिजली कनेक्शन दिया जा चुका है।

प्रदेश के 3 जिले ऐसे हैं जिनके शत-प्रतिशत घर सौभाग्य योजना के शुरू होने के बाद बिजली से जगमग हो चुके हैं। इनमें इंदौर, नीमच, मंदसौर जिलों ने शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति कर ली है। बिजली विभाग का अमला दुर्गम स्थल पर बसे गाँवों तक पहुँचकर बिजली कनेक्शन विहीन घरों को बिजली मुहैया करवा रहा है।

सौभाग्य योजना के क्रियान्वयन में तीन विद्युत वितरण कंपनी और उनका अमला पूरी तरह सक्रिय है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को क्षेत्र के 20 जिलों के 16 लाख 80 हजार 427 कनेक्शन विहीन घरों को बिजली से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। कंपनी ने अब तक 2 लाख 73 हजार 50 घरों को बिजली कनेक्शन से जोड़ा है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने क्षेत्र के 16 जिलों के 16 लाख 24 हजार 300 बिजली कनेक्शन विहीन घरों के विद्युतीकरण के लक्ष्य के विरूद्ध 4 लाख 5 हजार 495 घरों को रोशन किया है। इसी प्रकार पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्र के 15 जिलों में 6 लाख 29 हजार बिजली कनेक्शन विहीन घरों को बिजली सुविधा मुहैया करवाने के लक्ष्य के विरूद्ध 2 लाख 38 हजार 634 घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवा दिए गए हैं।

सौभाग्य योजना में 60 प्रतिशत राशि केन्द्र से अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाई जा रही है। शेष 40 प्रतिशत राशि का प्रबंध राज्य शासन एवं तीनों विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किया जा रहा है। योजना में आर्थिक, सामाजिक रूप से पिछड़े हितग्राहियों को नि:शुल्क कनेक्शन दिए जा रहे हैं। अन्य हितग्राहियों से 500 रूपए की राशि 10 किश्तों में मासिक विद्युत बिल के साथ ली जाएगी।

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