विशेष रिपोर्ट: मध्यप्रदेश में नकली व अमानक कीटनाशकों का कहर, हजारों एकड़ फसल बर्बाद; जानें सरकार की कार्रवाई और भरपाई का सच

मध्यप्रदेश में किसानों के साथ अमानक खाद, बीज और नकली कीटनाशकों की बिक्री के जरिए बड़ा धोखा होने का मामला सामने आया है। खरपतवार मिटाने के नाम पर खेतों में छिड़की गई दवाओं के कारण लहलहाती फसलें देखते ही देखते सूख रही हैं, जिससे किसानों की मेहनत और गाढ़ी कमाई पूरी तरह बर्बाद हो रही है।

किसानों को हुआ भारी नुकसान

  • सोहागपुर (नर्मदापुरम) में धान की बर्बादी: सोहागपुर इलाके में किसानों ने बहुराष्ट्रीय कंपनी विलवुड इंडिया (Willwood India) की खरपतवार नाशक दवा ‘क्लि सुपर’ (Cleu Super) का इस्तेमाल किया था। इस दवा के छिड़काव के बाद यहाँ करीब 1500 से 2000 एकड़ क्षेत्र में धान की फसल सूखकर खराब होने का दावा किया गया है।
  • सोयाबीन की फसल का नुकसान: इसके अतिरिक्त, ‘क्लोरिमयूरॉन एथिल’ (Chlorimuron ethyl) नामक खरपतवार नाशक के उपयोग से राज्य के विभिन्न हिस्सों में सोयाबीन की फसलें बड़े पैमाने पर खराब हुई हैं।
  • विदिशा में भारी मात्रा में अमानक सैंपल: विदिशा जिले में पूर्व में लिए गए नमूनों की जांच में खाद के 43, बीज के 23 और कीटनाशक दवाओं के 26 सैंपल अमानक (गुणवत्ताविहीन) पाए गए हैं, जो दूसरे राज्यों (हैदराबाद, तेलंगाना और हरियाणा) की कंपनियों द्वारा सप्लाई किए गए थे।

अब तक क्या कार्रवाई हुई है?

अमानक और नकली कृषि उत्पादों की शिकायतों पर सरकार और कृषि विभाग ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

  1. केंद्रीय कृषि मंत्री का कड़ा रुख: केंद्रीय कृषि एवं कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन जिले में खुद खेतों का निरीक्षण किया था, जहाँ अमानक दवाओं से फसल खराब हुई थी। उनके निर्देश पर दोषी कंपनी का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
  2. तीन जिलों में FIR दर्ज: घटिया खरपतवार नाशक (क्लोरिमयूरॉन एथिल) बेचने वाली डिफॉल्टर कंपनियों के खिलाफ मध्यप्रदेश के विदिशा, देवास और धार जिलों में FIR दर्ज की गई है।
  3. डीलरों के लाइसेंस रद्द और स्टॉक पर रोक: जिन क्षेत्रों में खराब हर्बिसाइड बेची गई, वहां के डीलरों के लाइसेंस रद्द या निलंबित कर दिए गए हैं और कंपनियों के बचे हुए स्टॉक की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है।
  4. कार्रवाई में प्रशासनिक सीमा: हालांकि विदिशा जैसे जिलों में कृषि विभाग ने स्थानीय स्तर के डीलरों पर तो लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की है, लेकिन मुख्य कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्णय पिछले छह महीने से शासन स्तर पर लंबित है।

क्या फसल नुकसान की भरपाई दवा कंपनी या दुकानदार करेंगे?

फसल बर्बादी के बाद किसानों में भारी आक्रोश है और वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। नुकसान की भरपाई को लेकर वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:

  • दवा कंपनी से भरपाई की मांग और कोर्ट जाने की तैयारी: सोहागपुर के प्रभावित किसानों का कहना है कि उन्होंने दुकानदार और कंपनी के भरोसे पर महंगी दवा खरीदी थी, इसलिए अब वे कंपनी से ही पाई-पाई की भरपाई की मांग कर रहे हैं। किसानों ने अब मुआवजे के लिए कोर्ट (अदालत) जाने की तैयारी कर ली है।
  • दुकानदारों का रुख: सोहागपुर के अधिकृत डीलर ‘छाबड़िया ब्रदर्स’ ने माना है कि यह एक गंभीर मामला है। उन्होंने मामले की जानकारी कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी है और कहा है कि वे जांच के पक्ष में हैं और प्रभावित किसानों के साथ खड़े हैं।
  • प्रशासनिक स्थिति: वर्तमान में, प्रशासन ने दोषी स्थानीय डीलरों के लाइसेंस निलंबित किए हैं। हालांकि, विनिर्माता कंपनियों द्वारा किसानों को सीधे तौर पर मुआवजा देने का कोई आधिकारिक प्रशासनिक आदेश फिलहाल लागू नहीं हुआ है, जिसके कारण किसान अब कानूनी रास्ता (न्यायालय) अपनाकर भरपाई कराने की तैयारी कर रहे हैं।

किसान अपनी शिकायत कहाँ दर्ज करें?

यदि आपके पास भी नकली या अमानक खाद, बीज या कीटनाशकों की बिक्री से संबंधित कोई जानकारी या शिकायत है, तो आप नीचे दिए गए माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:

  1. राष्ट्रीय स्तर पर (टोल-फ्री नंबर): कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नकली कृषि उत्पादों के खिलाफ एक देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। किसान सीधे टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
  2. जिला स्तर पर (नर्मदापुरम जिला): नर्मदापुरम जिले के किसान कृषि विभाग के प्रशासनिक प्रमुख उपसंचालक कृषि (DDA) जे.आर. हेडाऊ से संपर्क कर सकते हैं:
    • कार्यालय फोन: 07574-251003
    • मोबाइल नंबर: 9425187598
    • ईमेल: ddagrihos[at]mp[dot]gov[dot]in
    • इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर तैनात SADO (वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी) से भी सीधे शिकायत की जा सकती है।

मुख्य समाचार स्रोत (News Sources):

* NDTV India रिपोर्ट: NDTV India – नकली कीटनाशक शिकायत व एफआईआर रिपोर्ट
* Patrika न्यूज़: Patrika – अमानक खाद, बीज व दवाओं की जांच रिपोर्ट
* नर्मदापुरम कृषि विभाग: नर्मदापुरम जिला प्रशासन – कृषि विभाग संपर्क
* एक्का न्यूज़ भारत (फेसबुक पोस्ट): Ekka News – सोहागपुर धान नुकसान व किसानों का विरोध

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

हिंदीhiहिंदीहिंदी