आपकी मूंग की फसल अभी 15-20 दिन की हो गई है। यह समय बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि अब पौधा अपनी जड़ों में गांठें बनाना शुरू कर रहा है, जो हवा से नाइट्रोजन लेकर खाद का काम करेंगी।
अच्छी पैदावार के लिए नीचे दिए गए सुझावों का पालन करें:
1. अभी क्या करें? (15 से 20 दिन के बीच)
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पौधों की छंटाई (Thinning): अगर खेत में पौधे बहुत पास-पास हैं, तो कमजोर पौधों को निकाल दें। दो पौधों के बीच 10 से 15 सेंटीमीटर की दूरी रखें। इससे पौधों को अच्छी हवा और धूप मिलेगी।
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निराई-गुड़ाई: 15 से 20 दिन की अवस्था पर हल्की निराई-गुड़ाई जरूर करें। इससे मिट्टी में हवा का संचार बढ़ता है और जड़ों की गांठों को बढ़ने में मदद मिलती है।
2. सिंचाई (पानी का प्रबंधन)
मूंग को न तो बहुत ज्यादा पानी चाहिए और न ही सूखा।
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अभी: अगर खेत में नमी है, तो 15 दिन पर पानी न दें। ज्यादा पानी से पौधा गिर सकता है।
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फूल आने से पहले: पहली मुख्य सिंचाई 30 से 40 दिन पर करें (फूल आने के करीब 1 हफ्ते पहले)।
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फलियां बनते समय: फलियां बनते और दाना भरते समय खेत में नमी रखें।
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गर्मी की मूंग: अगर आपने गर्मी में मूंग बोई है, तो हर 10-15 दिन में सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है।
3. खाद और स्प्रे (बेहतर पैदावार के लिए)
जड़ों के साथ-साथ पत्तियों पर स्प्रे करने से पैदावार काफी बढ़ जाती है:
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नैनो डीएपी (Nano DAP): 20 दिन की फसल होने पर 2-4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।
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नैनो यूरिया (Nano Urea): 30-35 दिन पर जब शाखाएं निकल रही हों, तब 2-4 मिलीलीटर प्रति लीटर का स्प्रे करें।
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जिंक और बोरॉन: फूल आते समय (45 दिन पर) जिंक और बोरॉन का स्प्रे करें, इससे दाने चमकदार और भारी बनते हैं।
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TNAU पल्स वंडर: फूल झड़ना कम करने के लिए फूल आने के समय इसका 5 किलो प्रति हेक्टेयर के हिसाब से प्रयोग करें।
4. बीमारियों से बचाव
| बीमारी का नाम | लक्षण | समाधान |
| पीला मोजेक (Yellow Mosaic) | पत्तियों पर पीले धब्बे पड़ना। | बीमार पौधों को उखाड़कर गाड़ दें। सफ़ेद मक्खी को मारने के लिए ट्रायज़ोफोस (2 ml/L) का स्प्रे करें। |
| पत्ती मरोड़ (Leaf Curl) | पत्तियां मुड़ जाती हैं और मोटी हो जाती हैं। | डाइमेथोएट (1.7 ml/ha) का स्प्रे 30 दिन पर करें। |
| जड़ सड़न (Root Rot) | सूखा और गर्मी बढ़ने पर जड़ें सड़ने लगती हैं। | खेत में हल्की नमी बनाए रखें। |
5. कीड़ों पर नियंत्रण
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सफेद मक्खी और माहू: अगर कीड़े ज्यादा दिखें, तो हर 10-15 दिन में कीटनाशक का स्प्रे करें।
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तना मक्खी (Stem Fly): अगर 15 दिन की फसल में पत्तियां मुरझा रही हों, तो इमिडाक्लोप्रिड (0.2 ml/L) का छिड़काव करें।
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पत्ती खाने वाली इल्ली: जब तक 30-35% पत्तियां न कट जाएं, तब तक घबराएं नहीं। अगर 1 मीटर की दूरी में 4-5 इल्लियां दिखें, तभी स्प्रे करें।
6. कटाई और झाड़ (पैदावार)
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जब 80% फलियां काली या भूरी पड़ जाएं, तब कटाई शुरू करें।
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अगर संभव हो, तो फलियों की दो बार तुड़ाई करें ताकि दाने झड़ने से नुकसान न हो।
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सही देखरेख से आप एक हेक्टेयर में 8 से 12 क्विंटल तक पैदावार ले सकते हैं।
सुझाव: स्प्रे हमेशा सुबह या शाम के समय करें जब धूप तेज न हो। दवा मिलाते समय साफ पानी का ही इस्तेमाल करें।

