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मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना मध्यप्रदेश

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मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना मध्यप्रदेश – पूरी जानकरी

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के तहत प्रदेश के किसानो को आमंत्रित किया है | इस योजना में केंद्रीय सरकार और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 90% अनुदान दिया जा रहा है | इस योजना के तहत प्रदेश में आवेदन की मांग को देखते हुए, उन आवेदको को प्राथमिकता दी जाएगी | जहां पर विधुत अधोसरंचना विकसित नहीं हुई है/ कृषि पम्पों हेतु स्थाई कनेक्शन नहीं है/ जहां पर विधुत कंपनियों की वाणिज्यिक हानि अधिक है एवं ट्रांसफार्मर हटा लिए गए है | जहां पर खेती की दुरी बिजली क लाइन से 300 मीटर से अधिक है या नदी व बांध के समीप ऐसे स्थान जहां पानी की पयार्प्त उपलब्धता हो एवं फसलों के चयन के कारण जहां वाटर पम्पिंग की आवश्यकता ज्यादा रहती हो, जैसे – बुरहानपुर का केला क्षेत्र | इस योजना में आवेदन करने का समय 15 अप्रैल, 2017 से 15 मई, 2017 तक किसान पास के कार्यालय में जाकर कर सकते है |

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मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना मध्यप्रदेश :-

मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना को वर्ष 2016-17 के बजट में शिवराज सिंह चौहान को मंजूरी दे दी गई थी | यह योजना उन क्षेत्र के किसानो के लिए है, जहां पर बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी, जहां स्थायी विधुत पम्प कनेक्शन देने की व्यवस्था नहीं है |
इस योजना के निर्णय से राज्य शासन ने 7900 करोड़ रुपये विधुत वितरण कंपनियों को दिए थे | इस योजना के तहत बिजली के रेट में छूट किसानो को 7600 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिलेगी | इस योजना का लाभ लेने के लिए उपरोक्त क्षेत्रो की विधुत लाइन कम से कम 300 मीटर की दूरी जरूरी है | इस योजना के अंतर्गत किसानो/ हितकारियो को प्रति हॉर्से-पावर 1400 रुपये प्रतिवर्ष मात्र देने होंगे |
मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना के तहत अनुसूचित-जाति एवं जनजाति के किसानो को एक हेक्टेयर भूमि पर और 5 हॉर्स-पावर तक सोलर पम्प पर निःशुल्क बिजली दी जाएगी और स्थाई संयोजन वाले किसानो को 1 रुपये 75 पैसे प्रति यूनिट की दर से सब्सिडी दी जाएगी | किसानो को बिजली की खपत नियामक आयोग द्वारा 1500 यूनिट प्रति एसपी से अधिक है और इस योजना का लाभ मिलेगा |

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