महाराष्ट्र कर्ज माफी 2026: 55.72 लाख किसानों के लिए 36,585 करोड़ रुपये की नई योजना ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर’ को मंजूरी
मुंबई: महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंगलवार, 2 जून 2026 को राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना’ (PAHSKY) को मंजूरी दी गई, जिसके तहत लगभग 56 लाख किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के उन किसानों को कर्ज के बोझ से मुक्त करना है जो बेमौसम बारिश और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं।
योजना की मुख्य विशेषताएं और वित्तीय लाभ
- कर्ज माफी की राशि: इस योजना के तहत पात्र किसानों का 2 लाख रुपये तक का बकाया फसल ऋण माफ किया जाएगा।
- नियमित कर्ज चुकाने वालों के लिए प्रोत्साहन: जिन किसानों ने अपना कर्ज समय पर चुकाया है, उन्हें सरकार की ओर से 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि (Incentive) दी जाएगी।
- कुल बजट: राज्य सरकार इस ऋण राहत पैकेज पर कुल 36,585 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
- पात्रता की कट-ऑफ तारीख: यह छूट 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए उन फसल ऋणों पर लागू होगी, जो 30 सितंबर 2025 तक बकाया थे।
किसे मिलेगा लाभ? (पात्रता मानदंड)
- निवास: आवेदक महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- भूमि सीमा: इस योजना के लिए भूमि धारण (Landholding) की कोई सीमा नहीं रखी गई है, जिससे छोटे और बड़े सभी प्रकार के किसान इसका लाभ उठा सकेंगे।
- बकाया ऋण: 30 सितंबर 2025 तक बकाया ऋण और 31 मार्च 2026 तक न चुकाए गए ऋण इस योजना के लिए पात्र होंगे।
- पिछले लाभार्थी: वे किसान जिन्होंने पिछली ‘महात्मा ज्योतिराव फुले कर्ज माफी योजना’ का लाभ उठाया था और जिनका अभी भी 50,000 रुपये तक का बकाया है, वे भी इस योजना के पात्र होंगे।
किसे योजना से बाहर रखा गया है?
सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा है:
- सरकारी कर्मचारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों के अधिकारी।
- वर्तमान और पूर्व निर्वाचित प्रतिनिधि (विधायक, सांसद आदि)।
- आयकर (Income Tax) भरने वाले व्यक्ति।
- सहकारी संस्थाओं के वे कर्मचारी जिनका वेतन 25,000 रुपये प्रति माह से अधिक है।
- वे सेवानिवृत्त व्यक्ति जिनकी पेंशन 25,000 रुपये से अधिक है।
कैसे होगी ऋण माफी की प्रक्रिया?
योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ‘एग्री स्टैक’ (Agri Stack) नामक डिजिटल सिस्टम का उपयोग करेगी। लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से जमा किए जाएंगे।
- डिजिटल सत्यापन: लाभार्थियों की पहचान स्वचालित रूप से आधार-आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से की जाएगी।
- सूची का प्रकाशन: पात्र किसानों की सूची ग्राम पंचायत कार्यालयों और स्थानीय बैंकों में प्रदर्शित की जाएगी।
- केवाईसी (KYC): सूची में नाम आने के बाद किसानों को ‘आपले सरकार’ सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराना होगा।
जरूरी दस्तावेज
किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी गई है:
- आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य)।
- 7/12 और 8-ए उतारा (भूमि रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए)।
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी।
- ऋण पहचान संख्या (Loan ID)।
वर्तमान स्थिति और चुनाव आचार संहिता
हालांकि कैबिनेट ने योजना को मंजूरी दे दी है, लेकिन विधान परिषद चुनावों की आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू होने के कारण इसका औपचारिक ऐलान और प्रचार फिलहाल टाल दिया गया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा है कि जैसे ही चुनाव आयोग की अनुमति मिलेगी या आचार संहिता समाप्त होगी, योजना का कार्यान्वयन शुरू कर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य खरीफ सीजन शुरू होने से पहले 20 जून तक किसानों के खातों में राशि जमा करना है ताकि वे नया ऋण ले सकें।
सावधानी: किसानों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अनधिकृत कॉल या एसएमएस पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टलों पर ही भरोसा करें।

