गेहू की फसल मे कीट प्रबंधन

रबी फसल -गेहू  कीट प्रबंधन – गेहू माइट स्टिंक बग वायर वार्म एफिड फौजी कीट विभिन्न प्रजातियां थिप्स तना छेदक कीट टरमाइट रेटस रेटस ओलिना मेलोनपा एथीगोना विटूबरक्यूलेटा शूट फलाई मीरोमइज प्रजाति  मायेटीया डिस्ट्रकटर होलोट्राइकिया कोनसेग्यूनिया   कीट माइट प्रचलित नाम विभिन्न प्रजातियां क्षति ये रस चूसने वाले होते हैजिनकी एक मि.मी. लंबाई रहती है। […]

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सूरजमुखी की खेती में उर्वरक प्रबंधन

सूरजमुखी की खेती में उर्वरक प्रबंधन

रबी फसल – सूरजमुखी अन्तर सस्य क्रियायें अन्त:सस्य क्रियाओं की आवश्यकता पौधे की प्रांरभिक अवस्था में होती है। सस्य क्रियाओं में विरलन और रिक्त स्थानों को भरना आदि रहता है। पौधे के विकास के 40-50 दिन तक फसल को खरपतवार से मुक्त रखें। रबी फसल नींदाओं के प्रति संवेदनशील होते है इसलिए स्वच्छ खेती करें। […]

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सरसों की खेती में उर्वरक प्रबंधन

सरसों की खेती में उर्वरक प्रबंधन

फसल सिफारिश रबी फसल – सरसों अन्तर सस्य क्रियायें समय पर निदाई गुड़ाई से बीज और अनाज दोनों की उपज में वृध्दि होती है। सरसों के लिए विरलन और खाली स्थानों को बुआई के 15 से 20 दिन में भर देना चाहिए। फसल की प्रारंभिक अवस्था में खरपतवार के प्रकोप से बचाना चाहिए। सरसों के […]

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रबी फसल - चना

चने में उर्वरक प्रबंधन

फसल सिफारिशें रबी फसल – चना सुझाव कम और ज्यादा तापमान हानिकारक है। गहरी काली और मध्यम मिट्टी में बोनी करें। मिट्टी गहरी,भुरभुरी होना चाहिए। प्रमाणित और अच्छी गुणवत्ता, अच्छी अकुंरण क्षमता वाले बीजों का उपयोग करें। अपने क्षेत्र के लिए अनुमोदित किस्मों का उपयोग करें। मध्य प्रदेश में अक्टूबर के मध्य में बोनी करना […]

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गेहूं में उर्वरक प्रबंधन

गेहूं में उर्वरक प्रबंधन

फसल सिफारिशें रबी फसल -गेहूॅ उर्वरक 15-20 टन गोबर की सड़ी-गली खाद हर दो साल बाद खेत में डालें। गोबर की खाद डालने से भूमि की संरचना में सुधार और पैदावार में बढ़ोतरी होती है। ऊँची किस्मों के लिए उर्वरक सुझाव 40 कि नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर की दर से डाले … 20 कि फास्फोरस प्रति […]

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टमाटर की फसल

टमाटर की उन्नत उत्पादन तकनीक

टमाटर की फसल – जलवायु टमाटर की फसल पाला नहीं सहन कर सकती है। इसकी खेती हेतु आदर्श तापमान 18 से 27 डिग्री से.ग्रे. है। 21-24 डिग्री से.ग्रे तापक्रम पर टमाटर मे लाल रंग सबसे अच्छा विकसित होता है। इन्ही सब कारणो से सर्दियो मे फल मीठे और गहरे लाल रंग के होते है। तापमान […]

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कैपसीकम एनम

शिमला मिर्च की उन्नत खेती खेती कैसे करें

हमारे देश मे उगाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की सब्जियों मे टमाटर एवं शिमला मिर्च (कैपसीकम एनम) का एक महत्वपूर्ण स्थान है। शिमला मिर्च को सामान्यता बेल पेपर भी कहा जाता है। इसमे विटामिन-सी एवं विटामिन -ए तथा खनिज लवण जैसे आयरन, पोटेशियम, ज़िंक, कैल्शियम इत्यादी पोषक तत्व प्रचुर मात्रा मे पाये जाते है। जिसके […]

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पपीते की पौध तैयार करने की तकनीक

पपीते की पौध तैयार करने की तकनीक तथा बीज की मात्रा

पपीता, विश्व के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगाया जाने वाला महत्वपूर्ण फल है। केला के पश्चात् प्रति ईकाई अधिकतम उत्पादन देने वाली एवं औषधीय गुणों से भरपूर फलदार पौधा है। पपीता को भारत में लाने का श्रेय डच यात्री लिन्सकाटेन को जाता है जिनके द्वारा पपीता के पौधे वेस्टइंडीज से सन् 1575 में मलेशिया लाया फिर […]

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गाजर एवं मूली की खेती

मूली की उन्नत खेती

मूली की उन्नत खेती म.प्र. में गाजर एवं मूली की खेती प्रायः सभी जिलों में की जाती है। सामान्यतः सब्जी उत्पादक कृषक सब्जियों की अन्य फसलों की मेढ़ों पर या छोटे-छोटे क्षेत्रों में लगाकर आय अर्जित करते है। शीत ऋतु में ही कृषक दोनों फसलों को 50-60 दिन में तैयार कर पुनः बोवनी कर दो बार […]

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मिर्च की खेती

मिर्च की उत्पादकता वृद्धि हेतु महत्वपूर्ण सुझाव

मिर्च की उत्पादकता वृद्धि हेतु महत्वपूर्ण सुझाव मिर्च भारत की प्रमुख मसाला फसल है| वर्तमान में भारत में 7,92000 हेक्टेयर में मिर्च की खेती की जा रही है| जिसमे 12,23000 टन उत्पादन प्राप्त होता है| (वर्ष 2010-2011), भारत में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल तथा राजस्थान प्रमुख मिर्च उत्पादक राज्य […]

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